दीपक सोनी की आंधी में उड़ गए ‘वोटों के ठेकेदार’

जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में दीपक सोनी समर्थित उम्मीदवार की आंधी में ‘वोटों के ठेकेदारों’ की एक न चली. परिणाम आने के 2-3 बाद मिल रही जानकारी के मुताबिक दीपक सोनी समर्थित उम्मीदवार खुशबू को हराने के लिए वोटों के कुछ ठेकेदारों ने बाकी प्रत्याशियों से खूब पैसे ऐठें और दावा किया कि वे अपने वर्चस्व के दम पर सभी बूथों पर जीत दिला देंगे.

लेकिन परिणाम जब सामने आए तो सबके दावे धरे के धरे रह गए. दीपक सोनी समर्थित उम्मीदवार सभी बूथों पर भारी जीत दर्ज की है. वहीं बीजेपी की ओर से समर्थन का दावा करने वाले उम्मीदवार को मात्र 132 वोटें मिली हैं.

लेकिन इस बार चुनाव की खास बात ये रही कि बीजेपी की ओर से कथित समर्थित उम्मीदवार को जिताने के लिए उन लोगों का भी सहारा लिया गया जिनको न कभी पार्टी की विचारधारा या नीतियों से कोई मतलब रहा है. इस फैसले के पीछे बीजेपी के मूल कॉडर को भी विश्वास नहीं लिया गया था.

आपको बता दें कि जिला पंचायत सदस्य का यह चुनाव दोबारा कराया गया है क्योंकि दीपक सोनी के समर्थित उम्मीदवार सतेंद्र कुमार ने डलमऊ प्रथम से यहां जीत दर्ज की थी लेकिन उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई. इस बार सतेंद्र कुमार की पत्नी खुशबू ने पति की जगह मोर्चा संभाला और पति को मिली जीत से ज्यादा बड़ी विजय पाई.  

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