रायबरेली : ‘जर्जर तारों की वजह से दो-चार मर जाएंगे तो मुआवजा देने आएगी सरकार’

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही प्रशासनिक कामों में अफसरों को ढील न देने की नसीहत देती रही हो लेकिन कुछ जिम्मेदार अधिकारी सरकार की मुहिम पूरी तरह से पलीता लगाने पर उतारू हैं. रायबरेली जिले के ऐहार गांव में बिजली के तारों को बदलने के लिए कई बार ग्रामीणों की ओर से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन सारी कार्रवाई कागजों तक ही सीमित है. इस गांव में लालगंज विद्युत वितरण केंद्र से सप्लाई आती है जहां बैठे जिम्मेदार साफ कहते हैं न तो उनके पास बजट है न ही तार.

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इन तारों को 50 साल से ज्यादा का समय हो गया है ये इतने जर्जर हो चुके हैं कि रोज टूटकर गिर जाते हैं और मजबूरी में चंदा लगाकर इनको जुड़वाना पड़ता है. गांव के रहने वाले सुयश शुक्ला ने बताया कि ये तार गांव के मुख्यमार्ग से गुजरते हैं जिस पर आसपास के कई गांवों के लोग सैकड़ों की संख्या में दिन रात आते-जाते रहते हैं और ये जर्जर तार किसी बड़ी अनहोनी को न्यौता दे रहे हैं बिजली विभाग आंखे मूंदे बैठा है.

वहीं ऐहार गांव के ही रहने वाले एक ग्रामीण राकेश ने नाराज होते हुए कहा कि जब ये तार राह गुजरते दो-चार लोगों की जान ले लेंगे तब सरकार यहां मुआवजा देने आएगी. उन्होंने कहा कि इतनी सरकारों आईं और चली गईं हर बार सांसद-विधायकों और अफसरों से गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने नहीं सुनी. उन्होंने कहा कि योगी सरकार से उम्मीद थी लेकिन स्थानीय बीजेपी विधायक झांकने तक नहीं आते हैं तो तार कौन बदलवाए.

इस गांव में कई अन्य ग्रामीणों ने हैरानी जताते हुए कहा कि क्या तार बदलने के लिए भी मुख्यमंत्री योगी को ही सीधे आदेश देने पड़ेगा, अफसरों को कई जिम्मेदारी नहीं है. गांव को लोगों ने बताया कि वो एक बार फिर स्थानीय पावर हाउस में एक प्रार्थनापत्र देकर गुहार लगाई है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय, सीएम योगी की ओर से शुरू किए गए जनसुनवाई पोर्टल और लोक शिकायत में अधिकारी भास्कर पांडेय के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज की गई है. अगर इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं तो सब लोग कानपुर-रायबरेली में मार्ग में चक्का जाम कर देंगे.

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