ऐहार: तार नहीं बदले गए, विभाग ने सीएम कार्यालय से कह दिया ‘निस्तारित’, अब डीएम ने मांगी रिपोर्ट

(ऐहार गांव में टूटे हुए जर्जर तारों की फाइल फोटो)

ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से शुरू किए जनसुनवाई पोर्टल को मजाक समझ रखा है. दरअसल रायबरेली के ऐहार गांव के निवासियों की ओर से बिजली के जर्जर तारों को बदलवाने के लिए इस पोर्टल पर शिकायत की गई थी. इस पर बिजली विभाग ने सीएम कार्यालय को सूचित किया ‘निस्तारित’. साथ ही इसके पहले लिखा हुआ था कि कार्यदायी संस्था को जिम्मेदारी दे गई है और शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी.

ग्रामीणों ने बताया कि पहले तो हिन्दी के इस शब्द का मतलब समझ में नहीं आया फिर कई विद्वानों से पूछने पर पता चला कि इसका मतलब कार्य का संपन्न होना होता है. अब यह जानकर सभी चकरा गए कि बिजली विभाग एक ओर तो कह रहा है कि शीघ्र कार्रवाई की जाएगी और दूसरी ओर उसी के आगे निस्तारित भी लिख दिया.

बिजली विभाग के इस गूढ़ हिन्दी का अर्थ यही निकाला गया कि उसने एक निजी कंपनी को ठेका दे दिया है और अब उसकी जिम्मेदारी खत्म हो गई है. कंपनी कब इस काम को पूरा करेगी इसकी भी जानकारी नहीं दी गई.

वहीं ऐहार गांव के ही रहने वाले एक ग्रामीण तंज कसते हुआ कहा, ‘ऐसा लगता है कि बिजली विभाग को हम लोगों के माथे पर C दिखता नजर आ रहा है जो इस तरह के शब्दों और कार्रवाई के आश्वासनों से खेल रहा है. वहीं गांव के ही एक बुजुर्ग ने बताया कि 50 साल पहले ये तार लगाए थे. बीते 20 सालों से इन तारों को बदलने के लिए हर दल की सरकारों से गुहार लगाई गई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं है.

वहीं जनसुनवाई पोर्टल पर अब नया अपडेट दिख रहा है कि मामले को जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दिया गया है जहां से 7 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है.

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