ऐहार को बरुवाहार और उमरामऊ से जोड़ने वाली सड़क की हालत खराब, बनवाने का संघर्ष शुरू

रायबरेली के ऐहार गांव के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं के लिए हर मोर्चे पर संघर्ष करना पड़ रहा है. 60 साल पुराने बिजली के तारों के बदलवाने की मुहिम अभी चल रही थी कि गांव का मुख्य मार्ग गढ्ढ़ों में तब्दील हो चुका है. ये रास्ता ऐहार गांव से होते हुए उमरामऊ, रामपुर भीरा जैसे गांवों से गुजरता है. यही एक मात्र रास्ता है जो कई गांवों को लालगंज कस्बे से जोड़ता है. इतना ही नहीं ऐहार और आसपास के किसानों को खेतों तक जाने के लिए इसी रास्ते से गुजरता है.

ऐहार गांव का मुख्य कृषक क्षेत्र जिसे बरुआहार कहा जाता है, तक जाने के लिए भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करना होता है. लेकिन इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसमें बैलगाड़ी, मोटरसाइकिल, साइकिल या ट्रैक्टर तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. अब तस्वीर में देख सकते हैं इस सड़क की हालत कितनी खराब हो चुकी है.

आपको जानकार हैरानी होगी कि ये रोड प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत बनवाई गई थी लेकिन घटिया निर्माण सामाग्री के इस्तेमाल के चलते ये कुछ ही सालों में गढ्ढों में बदल गई है. इसकी वजह एक ये भी है कि इस रास्ते से अब 6 टायरों वाले ट्रक भी गुजरने लगे हैं. इतना ही नहीं कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इस सड़क से अधिकारी कई बार गुजरेगी लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं गया है.

इस सड़क को बनवाने के लिए 90 के दशक में ऐहार गांव के लोगों को संघर्ष करना पड़ा था. एक समय वो भी था जब इस रास्ते में बड़े वाले पत्थर पड़े होते थे और जिसमें साइकिल चलाने वाले अक्सर गिरकर चोट खा जाते थे.

इसी बीच राम लहर में गिरीश नारायण पांडेय सरेनी के विधायक चुने गए तो उन्होंने बाल्हेमऊ से ऐहार तक की सड़क बनवाई थी लेकिन इसके आगे की सड़क जस की तस बनी रही. इस पर उमरामऊ और उतरावां जैसे गांव के लोगों ने नाराजगी भी जताई थी.

फिलहाल ऐहार गांव के निवासियों ने इस सड़क के निर्माण के लिए मुहिम शुरू कर दी है. उनका कहना है कि जब पीएम मोदी और सीएम योगी गांव के 60 साल पुराने तार बदलाने में मदद कर सकते हैं तो इस काम को लेकर भी जरूर सुनवाई होगी. फिलहाल इस सड़क को बनवाने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क काम शुरू कर दिया गया है.

गौरतलब है कि ऐहार में बिजली विभाग की ओर से जगह-जगह खंबे लगाने का काम शुरू हो गया है और जल्द ही पूरे गांव के तार बदल दिए जाने की उम्मीद है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *