अयोध्या : सीता रसोई से खुदाई के दौरान मिला सिलबट्टा, चकिया-बेलन

Ram Mandir

500 सालों से कई प्राचीन अवशेषों को अपनी गोद में समेटे अयोध्या के राममंदिर जमीन से अब ऐसे-ऐसे प्रमाण मिल रहे हैं जिससे अब इसमें कोई दो राय नहीं है कि यहां पर भगवान राम का जन्म हुआ होगा. सुप्रीम कोर्ट ने पुरातत्वशास्त्रियों की रिपोर्ट के आधार पर ही साल 2019 में विवादित जमीन पर मंदिर बनाने का फैसला सुनाया था. इसके बाद बीते साल ही पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां पर भूमि पूजन कर और राम मंदिर बनाने काम शुरू कर दिया. मंदिर निर्माण के लिए नींव की खुदाई का काम शुरू किया जा चुका है.

सिलबट्टा, रोटी बनाने वाला बेलन, चकिया मिली
नींव की खुदाई के दौरान कई प्राचीन अवशेष मिले हैं. सीता रसोई क्षेत्र से सिलबट्टा, आटा और रोटी बनाने वाला बेलन, चकिया मिली है. एबीपी न्यूज में छपी खबर के मुताबिक वहीं मानस भवन की ओर खुदाई के दौरान अति प्राचीन भगवान श्री राम के चरण पादुका भी मिली हैं. परिसर की जमीन से प्राचीन धार्मिक खंडित मूर्ति, मंदिर के अवशेष, स्तंभ आदि मिली हैं. इन सभी चीजों को संरक्षित कर दिया गया है. मंदिर के निर्माण के बाद यहां पर एक संग्रहालय भी बनाया जाएगा जिसमें प्राचीन अवशेषों को रखा जाएगा.

तीन साल में बन जाएगा मंदिर
वीएचपी प्रमुख और रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि राम मंदिर का निर्माण तीन साल में पूरा हो जाएगा. एनबीटी में छपी खबर के मुताबिक चंपत राय ने कहा है कि महिलाएं जींस पहनकर के भी मंदिर आ सकेंगी.

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